चारामा में 51 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का शुभारंभ:सांसद भोजराज नाग ने पूजा-अर्चना की, कलश यात्रा में उमड़ी भीड़

Dec 15, 2025 - 15:38
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चारामा में 51 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का शुभारंभ:सांसद भोजराज नाग ने पूजा-अर्चना की, कलश यात्रा में उमड़ी भीड़
कांकेर जिले के चारामा नगर पंचायत में 14 दिसंबर को 51 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ, राष्ट्र जागरण, युग संदेश और प्रज्ञा पुराण कथा का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग भी शामिल हुए। उन्होंने पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया। सांसद ने ऐसे आयोजनों को भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म के लिए मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि ये कार्यक्रम लोगों में अपने धर्म और संस्कृति के प्रति जागरूकता पैदा करते हैं, अपनी पहचान कराते हैं और प्रेम भावना का संदेश देते हैं। आयोजन स्थल पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़े। महिलाएं और युवतियां पारंपरिक साड़ी में, जबकि पुरुष धोती-कुर्ता-पजामा में कलश यात्रा में शामिल हुए। दोपहर 12 बजे कलश पूजा के बाद पूरे नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों कलशों की एक लंबी श्रृंखला थी। कलश यात्रा में सनातन धर्म की झांकियां भी शामिल थीं। इनमें भगवान श्रीराम, माता सीता, भगवान लक्ष्मण, भगवान हनुमान, लव-कुश, वानर सेना, गरुड़, जामवंत जैसे पौराणिक पात्रों के साथ-साथ भागवत गीता, 18 पुराण, रामायण, वेद और अन्य धार्मिक ग्रंथों को दर्शाया गया। इसके अलावा देश के आचार्य, वीर छत्रपति शिवाजी, स्वतंत्रता संग्राम के शहीद और महान वैज्ञानिकों को समर्पित झांकियां भी थीं। बस्तर की संस्कृति और परंपरा को दर्शाते पारंपरिक नृत्य भी शोभायात्रा का हिस्सा थे। कलश शोभा यात्रा का प्रारंभ और मार्ग कलश शोभा यात्रा के प्रारंभ में नगर की शीतला माता सहित अन्य देवी-देवताओं का पूजन किया गया। उनकी अनुमति के पश्चात कलश यात्रा आयोजन स्थल से प्रारंभ होकर कोरर चौक, सदर बाजार सहित नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए शाम करीब 5 बजे पुनः आयोजन स्थल पर संपन्न हुई। देव स्थापना और सांस्कृतिक कार्यक्रम कलश यात्रा के समापन के बाद हरिद्वार से आए गायत्री प्रज्ञापीठ के आचार्यों द्वारा देव स्थापना की गई। इस दौरान देव गीत, संगीत और प्रवचन का आयोजन हुआ, जो देर रात्रि तक चलता रहा। रात्रि में पंडवानी कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसका आनंद लेने हजारों की संख्या में श्रद्धालु आयोजन स्थल पर उपस्थित रहे। 15 दिसंबर को द्वितीय दिवस के अवसर पर सुबह 6 बजे से विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान और यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। दोपहर 2 बजे से प्रज्ञा पुराण, युग संदेश और प्रवचन होंगे, जबकि संध्या 6 बजे से संगीत प्रवचन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

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