युवक ट्रेन की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आया:80% से ज्यादा झुलसा, ट्रेन के ऊपर चप्पल उतारने चढ़ा था, तभी हुआ हादसा, हालत गंभीर

Dec 4, 2025 - 22:26
 0  0
युवक ट्रेन की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आया:80% से ज्यादा झुलसा, ट्रेन के ऊपर चप्पल उतारने चढ़ा था, तभी हुआ हादसा, हालत गंभीर
दुर्ग जिले के डबरा पारा रेल लाइन के पास गुरुवार शाम एक युवक हाई टेंशन लाइन की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलस गया। खुर्सीपार बालाजी नगर निवासी कॉलेज छात्र जी. श्याम (18) ट्रेन के ऊपर चप्पल उतारने चढ़ा था। हादसे में वह 80 प्रतिशत से अधिक झुलस गया, उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। यह घटना तब हुई जब श्याम भिलाई-3 से जामुल की ओर जाने वाली छोटी रेल लाइन पर खड़ी एक ट्रेन के ऊपर चढ़ गया। इसी दौरान वह ऊपर से गुजर रही हाई टेंशन लाइन के संपर्क में आ गया। बिजली का जोरदार झटका लगने से वह बेहोश होकर नीचे गिर पड़ा। हादसे में झुलसे युवक की हालत बेहद गंभीर एक रेलवे कर्मचारी ने झुलसे युवक को देखकर तुरंत उसके परिचितों को सूचना दी। सूचना मिलते ही श्याम के दो कॉलेज दोस्त मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थानीय लोगों की मदद से घायल श्याम को तुरंत दुर्ग जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल पहुंचे दोस्तों ने बताया कि श्याम बोलने की स्थिति में नहीं था। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. आशीषन मिंज ने जानकारी दी कि युवक की हालत बेहद गंभीर थी। हाई टेंशन लाइन के झटके से उसके कपड़े जल चुके थे और शरीर का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा झुलस गया था। डॉ. मिंज के अनुसार, जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल सेक्टर-9 अस्पताल रेफर कर दिया गया। युवक सेक्टर-9 अस्पताल में भर्ती हादसे की खबर मिलते ही परिजन जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने बताया कि उन्हें यह विश्वास नहीं हो रहा कि चप्पल उतारने के लिए ट्रेन पर चढ़ना इतनी बड़ी गलती साबित होगी। परिजन और अस्पताल स्टाफ की मदद से युवक को बेहतर इलाज के लिए सेक्टर-9 अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल युवक की हालत गंभीर है। पुलिस भी घटना के वास्तविक कारणों की जांच कर रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, रेललाइन क्षेत्र में अक्सर युवक और बच्चे लापरवाही से ट्रेनों पर चढ़ते-उतरते देखे जाते हैं, जिससे ऐसे हादसे लगातार बढ़ रहे हैं।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0