6 फीट लंबी लौकी, 3 फीट की बरबट्टी उगाई:नीम, सीताफल के पत्ते, धतूरा-गोमूत्र से बना रहे जैविक कीटनाशी, 5KG तक का बैंगन भी उगाया

Sep 1, 2025 - 09:56
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6 फीट लंबी लौकी, 3 फीट की बरबट्टी उगाई:नीम, सीताफल के पत्ते, धतूरा-गोमूत्र से बना रहे जैविक कीटनाशी, 5KG तक का बैंगन भी उगाया
पिता की बीमारी ने धमतरी जिले में एक किसान की खेती और जीवन की दिशा बदल दी। ये किसान हैं कुरूद ब्लॉक से 10 किलोमीटर दूर गाड़ाडीह निवासी 42 वर्षीय रमनलाल साहू। सात साल पहले उन्होंने रासायनिक खेती छोड़कर जैविक खेती की राह चुनी थी। आज वे 6-7 फीट लंबी लौकी, 3 फीट लंबी बरबट्‌टी, 5 किलो वजन का बैंगन आदि उगा रहे हैं। किसान रमनलाल बताते हैं, 2017 से पहले मेरी मोबाइल की दुकान थी। पिता को बीपी, शुगर और लकवे जैसी गंभीर बीमारियों ने घेर लिया था। इलाज के दौरान कई दिन तक दुकान बंद रखनी पड़ती थी और पूरा परिवार तनाव में था। डॉक्टर से पूछा कि इन बीमारियों की जड़ क्या है तो डॉक्टर ने कहा- खाने की चीजों में इस्तेमाल हो रहे रसायन। बस, यहीं से मैंने रासायनिक खेती छोड़ने और जैविक खेती अपनाने का निश्चय किया। एक एकड़ में धान की बुवाई से इसकी शुरुआत की, धीरे-धीरे 3.50 एकड़ तक विस्तार कर लिया। क्योंकि लगातार गोबर खाद के उपयोग से खेत की मिट्‌टी उपजाऊ होती गई। परिवार का स्वास्थ्य बेहतर होने लगा। इससे हौसला बढ़ा और अपने खेत के अलावा 2 एकड़ जमीन लीज पर लेकर उस पर भी जैविक खेती शुरू की। रमनलाल ने बताया, पिछले 2 साल में मैंने लौकी, बरबट्‌टी और बैंगन की विशेष किस्में उगाई हैं। जैसे- 3 फीट लंबी बरबट्‌टी, 6-7 फीट लंबी लौकी, 5 किलो वजन तक का बैंगन। हालांकि शुरुआत में फसल का उत्पादन कम रहा था, लेकिन अब धान और सब्जियों से हर साल लगभग 4 लाख रुपए तक की आमदनी हो रही है। मेरी फसलें अब धमतरी ही नहीं बल्कि रायपुर, दुर्ग और कोरर जैसे क्षेत्रों में तक सप्लाई हो रही है। मैं नगरी दुबराज और अन्य सुगंधित धान उगाता हूं, जिनकी बाजार में अच्छी मांग है। रबी सीजन में धनिया की खेती होती है जिसके बाद सरसों, तिल, अरहर और मूंग आदि का उत्पादन करता हूं। खेत के किनारों पर तिल और अरहर उगाता हूं। फसलों को कीटों से बचाने के लिए जैविक कीटनाशक मैं खुद तैयार करता हूं। इसके लिए नीम, सीताफल के पत्ते, धतूरा और गोमूत्र आदि का उपयोग करता हूं। उद्यानिकी विभाग ने मेरे खेत में उगे धनिया को प्रदेश में दूसरा स्थान प्रदान किया है, क्योंकि यह पूरी तरह जैविक और सुगंधित है। पिछले कुछ समय से विभिन्न जिलों के किसान मेरे खेत पर जैविक विधियां सीखने भी आ रहे हैं। ------------------------------- आप भी किसान हैं और खेती में ऐसे नवाचार किए हैं जो सभी किसान भाइयों के लिए उपयोगी हैं, तो डिटेल व फोटो-वीडियो हमें अपने नाम-पते के साथ 9340931331 पर सिर्फ वॉट्सएप करें। ध्यान रखें, ये नवाचार किसी भी मीडिया में न आए हों।

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