14 राज्यों के साथ मिलकर पूरा होगा श्रीकृष्ण पाथेय:श्रीकृष्ण शरणम् मम की होगी स्थापना, राज्यों के साथ जाइंट कमेटी बनाएंगे
मोहन यादव सरकार ने श्रीकृष्ण पाथेय बनाने के लिए सिर्फ मध्यप्रदेश नहीं बल्कि 13 अन्य राज्यों के साथ तालमेल बनाकर संयुक्त योजना तैयार करने का निर्णय लिया है। श्रीकृष्ण पाथेय योजना में एमपी के साथ उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक, दिल्ली, हरियाणा, बिहार, झारखंड, उड़ीसा, मणिपुर, असम जैसे राज्यों को शामिल किया जाएगा। इन राज्यों में भगवान श्रीकृष्ण की परम्परा और यात्राओं को शामिल करने के लिए स्टडी करने का फैसला किया गया है। इसके साथ ही सरकार ने श्रीकृष्ण पाथेय न्यास और एक्सपर्ट कमेटी में शामिल किए जाने वाले पदाधिकारियों और संतों के नाम भी फाइनल कर लिए हैं। मोहन कैबिनेट पहले ही इस योजना को मंजूरी दे चुकी है। ऐसे में संस्कृति विभाग को श्रीकृष्ण पाथेय न्यास का रजिस्ट्रेशन जल्द कराने और न्यास को एक्टिव करने के निर्देश भी दिए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि शुरुआत में एमपी और राजस्थान की एक डिटेल कार्ययोजना तैयार की जाए और श्रीकृष्ण पाथेय योजना को अमल में लाने के लिए दोनों ही राज्यों के विद्वानों की एक जाइंट कमेटी द्वारा प्रस्तावित मार्ग तय किए जाएं, जहां से होकर भगवान कृष्ण का आना जाना हुआ है। इन मार्गों में क्या काम कराए जाने की जरूरत है, यह भी चिह्नित किया जाए। इसके बाद कार्ययोजना विस्तार और उस पर एक्शन के लिए उज्जैन, जयपुर, भोपाल, भरतपुर में बैठकों का आयोजन किया जाएगा। राजस्थान के अलावा सीएम डॉ यादव इसको लेकर अब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस के साथ भी पिछले दिनों हुई बैठक में चर्चा कर चुके हैं। इन विभागों को करने होंगे अलग-अलग काम ऐसा होगा श्रीकृष्ण पाथेय का न्यास एक्सपर्ट कमेटी में होंगे ये शामिल
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