स्मार्ट मीटर के बढ़े बिलों पर कांग्रेस का विरोध:उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ का आरोप, कार्यकर्ता बोले- जबरन स्मार्ट मीटर लगाए
मंदसौर में स्मार्ट मीटरों से बढ़े बिजली बिलों को लेकर मंगलवार को शहर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ता मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के कार्यालय पहुंचे और कार्यपालन यंत्री को ज्ञापन सौंपकर स्मार्ट मीटरों की कार्यप्रणाली की जांच कराने तथा उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग की। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि शहर में स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में अचानक वृद्धि हुई है। इससे आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है और उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है। सहमति के बिना मीटर बदलने पर सवाल ज्ञापन के दौरान कांग्रेस पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि ठेके पर नियुक्त कर्मचारियों के माध्यम से उपभोक्ताओं की सहमति लिए बिना पुराने मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि अभी स्मार्ट मीटर लगाना अनिवार्य नहीं किया गया है, फिर भी यह प्रक्रिया जारी है। स्मार्ट मीटरों की जांच की मांग प्रदर्शन के दौरान महेंद्र सिंह गुर्जर, मोहम्मद हनीफ शेख, सोमिल नाहटा, मनजीत सिंह टूटेजा, विकास दशोरा, सुरेंद्र कुमावत, रफत पयामी, तरुण खींची और निर्विकार रातड़िया सहित अन्य नेताओं ने कहा कि बढ़े हुए बिजली बिल वापस लिए जाएं और स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया की जांच कराई जाए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब चेक मीटर और स्मार्ट मीटर की रीडिंग में अंतर नहीं है, तो पुराने मीटर बदलने की जरूरत क्यों पड़ रही है। कागजी बिल फिर से देने की मांग कांग्रेस नेताओं ने उपभोक्ताओं को दोबारा कागजी बिजली बिल उपलब्ध कराने की भी मांग की। उनका कहना है कि कई लोग मोबाइल पर बिल देखने या डाउनलोड करने में सक्षम नहीं हैं, जिससे उन्हें परेशानी होती है। देखें तस्वीरें…
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