तैराक विजय कुशवाहा को पुलिस ने किया सम्मानित:तिघरा डैम में 80 फीट गहरे पानी से निकाला था मेडिकल छात्र का शव

Jun 16, 2026 - 21:02
 0  0
तैराक विजय कुशवाहा को पुलिस ने किया सम्मानित:तिघरा डैम में 80 फीट गहरे पानी से निकाला था मेडिकल छात्र का शव
ग्वालियर के तिघरा डैम में डूबे मेडिकल छात्र के शव को गहरे पानी से बाहर निकालने वाले तैराक विजय कुशवाहा को पुलिस प्रशासन ने सम्मानित किया है। विजय ने अपनी जान की परवाह किए बिना करीब 80 फीट गहरे पानी में लगातार गोते लगाकर जिस साहस और धैर्य का परिचय दिया, उसकी हर ओर सराहना हो रही है। दरअसल, तिघरा डैम में मेडिकल कॉलेज के दो छात्रों की डूबने से मौत हो गई थी। घटना के बाद पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। अभियान के दौरान एक छात्र का शव तो बरामद कर लिया गया, लेकिन दूसरे छात्र का शव डैम की गहराई में फंसा होने के कारण नहीं मिल पा रहा था। एसडीआरएफ की टीम भी लगातार प्रयास कर रही थी, लेकिन सफलता नहीं मिल रही थी। इसी दौरान स्थानीय तैराक विजय कुशवाहा ने मोर्चा संभाला। उन्होंने डेम के गहरे पानी में उतरकर छात्र के शव की तलाश शुरू की। 11वें गोते में मिली सफलता विजय ने एक-दो नहीं बल्कि लगातार 10 बार गहरे पानी में गोता लगाया, लेकिन शव का कोई पता नहीं चला। लगातार प्रयासों के कारण उनकी सांसें भी फूलने लगी थीं और शारीरिक थकान साफ दिखाई दे रही थी। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। विजय ने 11वीं बार डैम की गहराई में गोता लगाया और आखिरकार मेडिकल छात्र के शव तक पहुंचने में सफल रहे। उन्होंने शव को सुरक्षित बाहर निकालकर रेस्क्यू अभियान को पूरा किया। विजय के इस साहसिक कार्य ने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों और आम लोगों को भी प्रभावित किया। एसएसपी ने किया सम्मानित विजय कुशवाहा के इस अदम्य साहस और सेवा भावना को देखते हुए ग्वालियर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) धर्मवीर सिंह ने उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। एसएसपी ने कहा कि ऐसे साहसी और समाजसेवी लोगों की मदद से आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस को बड़ी सहायता मिलती है और कई महत्वपूर्ण कार्य सफलतापूर्वक पूरे हो पाते हैं। वर्षों से कर रहे बचाव कार्य में मदद सम्मान प्राप्त करने के बाद विजय कुशवाहा ने कहा कि वह वर्षों से पानी में डूबने वाले लोगों की तलाश और बचाव कार्य में पुलिस की मदद करते आ रहे हैं। उनका मानना है कि संकट की घड़ी में लोगों की सहायता करना सबसे बड़ा मानव धर्म है। उन्होंने कहा कि किसी परिवार को उसके अपनों तक पहुंचाने में जो संतोष मिलता है, वही उन्हें इस तरह के कार्य करने की प्रेरणा देता है। विजय ने भविष्य में भी इसी तरह समाज सेवा और मानवता की सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहने की बात कही।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0