2 दिन बारिश, बिजली गिरने का अलर्ट:तेज हवाएं चलेंगी, अगले 5 दिनों तक 3-5 डिग्री गिरेगा पारा, देवभोग में 50 मिमी बरसा पानी
छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने करवट ले ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ ओलावृष्टि दर्ज की गई है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, आज 19 मार्च और कल 20 मार्च को भी कई इलाकों में तेज हवाएं चल सकती हैं। बिजली गिर सकती है। इसके बाद अगले 5 दिनों तक अधिकतम तापमान में 3 से 5°C की गिरावट होने की संभावना है। जिससे लोगों को चुभती गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि, इसके बाद तापमान में फिर से 2-4°C की बढ़ोतरी हो सकती है। पिछले 24 घंटे में प्रदेश के कुछ इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। इनमें देवभोग 50 MM सेमी, करपावंड में 40 MM, देवकर में 2 MM बारिश हुई है। वहीं प्रदेश में प्रदेश में सबसे अधिक तापमान 35.2°C (दुर्ग) और सबसे कम तापमापन 19.2°C (दुर्ग) में दर्ज किया गया। बारिश और ओलावृष्टि की कुछ तस्वीरें देखिए…
आज के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’, ओले-अंधड़ की चेतावनी मौसम विभाग ने 19 मार्च को प्रदेश के कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ भारी बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। इस दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। रायपुर में आज बादल छाए रहेंगे। शहर के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। संभावित अधिकतम तापमान 34°C और संभावित न्यूनतम तापमान: 24°C के करीब हो सकता है। छत्तीसगढ़ में मौसम के दो सिस्टम एक्टिव छत्तीसगढ़ में अभी जो बारिश और ओले गिर रहे हैं, उसके पीछे ये दो मुख्य वैज्ञानिक कारण हैं: 1. चक्रवाती घेरा- इसे आसान भाषा में हवाओं का 'भंवर' समझ सकते हैं। मध्य प्रदेश के मध्य भाग में जमीन से लगभग 0.9 किमी की ऊंचाई पर हवाएं गोल घूम रही हैं। जब हवाएं इस तरह घूमती हैं, तो वे आसपास की नमी को ऊपर की ओर खींचती हैं। ऊपर जाकर यह नमी ठंडी होती है और घने बादलों का निर्माण करती है, जिससे बारिश होती है। 2. द्रोणिका या ट्रफ लाइन- मौसम विज्ञान में 'ट्रफ' कम दबाव का एक लंबा क्षेत्र होता है। यह लाइन दक्षिण-पूर्वी राजस्थान से शुरू होकर मध्य प्रदेश के उसी चक्रवाती घेरे से गुजरते हुए उत्तर छत्तीसगढ़ तक फैली हुई है। यह ट्रफ लाइन एक 'रास्ते' की तरह काम करती है। जो बंगाल की खाड़ी या अरब सागर से आने वाली नमी वाली हवाओं को छत्तीसगढ़ के अंदरूनी हिस्सों तक खींच लाती है। जब यह नमी चक्रवाती घेरे से टकराती है, तो मौसम अचानक खराब (गरज-चमक और ओले) हो जाता है। अब समझिए ओले क्यों गिर रहे हैं? जब इन सिस्टम्स के कारण नमी बहुत तेजी से ऊपर जाती है, तो ऊपर का तापमान शून्य से काफी नीचे होता है। वहां पानी की बूंदें बर्फ की गोलियों में बदल जाती हैं। हवा का दबाव ज्यादा होने के कारण ये भारी होकर 'ओलों' के रूप में नीचे गिरती हैं। अगले 48 घंटों का गणित चूंकि यह सिस्टम अभी स्थिर है, इसलिए नमी का आना जारी रहेगा। बादलों और बारिश की वजह से सूरज की किरणें सीधे जमीन तक नहीं पहुंच रहीं, इसलिए अगले 5 दिनों तक आपको 'दिन की ठंडक' महसूस होगी। सिस्टम के एक्टिव होने से हवाओं में अस्थिरता है, इसीलिए 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से अंधड़ चलने की चेतावनी दी गई है।
20 मार्च तक आंधी-तूफान का अलर्ट, फिर मौसम सामान्य छत्तीसगढ़ में कल यानी 20 मार्च तक प्रदेश के कई इलाकों में गरज-चमक, आंधी-तूफान और तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। इसके बाद 21 और 22 मार्च को फिलहाल किसी तरह की चेतावनी नहीं दी गई है। 19 मार्च: तूफानी हवाएं और बिजली गिरने की आशंका 20 मार्च: इसी तरह का मौसम बना रह सकता है 21 मार्च: कोई विशेष चेतावनी नहीं 22 मार्च: मौसम सामान्य रहने की संभावना
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