अधिकारी,कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई:आबकारी विभाग के 3 अफसर हुए सस्पेंड, PM आवास से जुड़े संविदा कर्मियों पर FIR
सुशासन तिहार के बीच छत्तीसगढ़ सरकार ने भ्रष्ट अधिकारी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है । काम में लापरवाही करने वाले आबकारी विभाग के अफसर पर भी एक्शन हुआ है। आबकारी विभाग के तीन अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है । 6 अफसर को नोटिस दिया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े हुए संविदा कर्मचारियों को रिश्वत मांगे जाने की वजह से उनपर FIR भी कर दी गई है। राज्य स्तरीय उड़नदस्ते के निरीक्षण में बलौदाबाजार, महासमुंद और राजनांदगांव जिले में अवैध शराब का मामला पकड़ में आने पर तीन सर्किल अधिकारियों को निलंबित करने के साथ ही आबकारी विभाग के 6 वरिष्ठ अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनसे जवाब-तलब किया गया है। आबकारी आयुक्त से प्राप्त जानकारी के अनुसार अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने के मामले में लापरवाही और उदासीनता बरतने के मामले में बलौदाबाजार जिले के वृत्त प्रभारी मोतिन बंजारे को निलंबित करने के साथ ही जिला आबकारी अधिकारी गजेन्द्र सिंह, सहायक आबकारी अधिकारी एवं मंडल प्रभारी जलेस सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। राज्य स्तरीय उड़नदस्ते ने बलौदाबाजार जिले के ग्राम बनसांकरा में अप्रैल माह में की गई छापामार कार्रवाई में मध्यप्रदेश राज्य की 104 पेटी विदेशी मदिरा जब्त की गई थी। इस मामले में उक्त अधिकारियों को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए यह कार्रवाई की गई है। इसी प्रकार 3 मई 2025 को महासमुंद जिले के बागबाहरा में 14 पेटी देशी शराब, 8 पेटी गोवा, 14 पेटी उड़ीसा राज्य की बीयर एवं 13 नग विदेशी मदिरा के जब्ती के मामले में वृत्त बागबाहरा के प्रभारी मुकेश कुमार वर्मा को निलंबित कर दिया गया है, जबकि वहां पर जिला आबकारी अधिकारी निधिश कोष्ठी एवं मंडल प्रभारी उत्तम बुद्ध भारद्वाज को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। राजनांदगांव जिले के आबकारी वृत्त डोंगरगढ़ स्थित ग्राम करवारी लतमर्रा मार्ग के एक फार्म हाउस में पुलिस द्वारा की गई छापामार कार्रवाई में 432 पेटी विभिन्न ब्रांड की विदेशी शराब और भारी मात्रा में खाली बोतल, ढक्कन, लेबल एवं 4 हजार नग होलोग्राम जब्त किया गया था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए वृत्त डोंगरगढ़ के प्रभारी अनिल कुमार सिंह को निलंबित कर दिया गया है, जबकि राजनांदगांव के तत्कालीन सहायक आबकारी आयुक्त यदुनंदन राठौर एवं मंडल प्रभारी संदीप सहारे को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया गया है। रिश्वत मांगने वाले निपटे बेमेतरा जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े तीन संविदा कर्मियों द्वारा हितग्राहियों से रिश्वत मांगने एवं डरा-धमकाकर वसूली करने की पुष्टि के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर त्वरित और कड़ी कार्रवाई की गई है। घटना की जानकारी एक वायरल ऑडियो क्लिप के माध्यम से सामने आई, जिसमें ग्राम पंचायत ऐरमशाही की आवास मित्र नीरा साहू द्वारा प्रधानमंत्री आवास की किस्त जारी करने के एवज में 25 हजार रूपये की रिश्वत मांगने की बात स्पष्ट रूप से सामने आई। तहसीलदार की जांच में नीरा साहू ने स्वयं ऑडियो में अपनी आवाज होने की बात स्वीकार की। इसी प्रकरण में नारायण साहू, जो ग्राम पंचायत तेंदुआ में रोजगार सहायक हैं, द्वारा हितग्राहियों को धमकाते हुए 10 हजार रूपये की मांग किए जाने के प्रमाण मिले। वहीं उनकी पत्नी ईश्वरी साहू, जो ग्राम पंचायत ऐरमशाही में रोजगार सहायक के रूप में पदस्थ थीं, उन पर भी हितग्राहियों से डराकर पैसे मांगने के गंभीर आरोप ग्रामीणों द्वारा लगाए गए हैं। मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत नवागढ़ की लिखित रिपोर्ट तथा नांदघाट थाना में दर्ज FIR के आधार पर तीनों दोषियों—नीरा साहू, नारायण साहू और ईश्वरी साहू—को तत्काल प्रभाव से सेवा से पृथक किया गया है। यह आदेश कलेक्टर बेमेतरा के अनुमोदन से जारी किया गया। मामले में नांदघाट थाना में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धाराएँ 308(2) और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज कर प्रकरण की विधिवत विवेचना प्रारंभ कर दी गई है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी आमजन के अधिकारों का दुरुपयोग न करे, और यदि करता है तो उसे तत्काल विधिसम्मत कठोर कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ यह सिर्फ कार्रवाई नहीं, सुशासन का संकल्प है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0