डैम में डूबे दो छात्र, आज फिर शुरू होगा रेस्क्यू:स्कूल की छुट्टी रख मैगी पार्टी करने गए थे, 7 मार्च से था फाइनल एग्जाम
रतलाम के बाजना रोड पर पलसोड़ी के जय श्री राम डैम में डूबे कक्षा 9वीं के दो छात्रों का रेस्क्यू मंगलवार सुबह से होगा। 8 छात्रों में से कुछ ने अपने घर पर पार्टी में जाने की बात कही थी लेकिन कहां जा रहे यह नहीं बताया था। सभी स्कूल भी नहीं गए थे। हादसे के बाद 6 छात्र सहमे हुए है। किसी प्रकार से बात करने के लिए तैयार नहीं है। परिजन भी ज्यादा कुछ पूछताछ नहीं कर रहे है। डूबे छात्र ध्रुव के दादाजी महेश कुमार बलसोरे ने बताया कि वह और उनका बेटा अमृतसागर तालाब किनारे उनकी मोटर बाइडिंग की दुकान पर थे। दोपहर करीब 2.15 बजे घर गया तो पता चला कि पोता दोस्तों के साथ पार्टी में गया है। थोड़ी देर बाद उसके दोस्त लक्ष्य राज राठौर की मम्मी का फोन बहु के मोबाइल पर आया कहा कि वह लोग डूब गए है। उसके बाद हम उसके एक अन्य दोस्त शुभम पाटीदार के घर पहुंचे। पता चला कि वह भी साथ में है। इसके बाद सीधे घटनास्थल पर पहुंचे। वहां जाकर देखा तो ग्रामीणों की भीड़ लगी थी। लक्ष्यराज ने घर आकर रोते हुए बताया ध्रुव की मम्मी दीपिका ने बताया बेटे ने जामण पाटली पिकनिक स्पॉट जाने की बात कही थी। लक्ष्यराज ने घर आकर रोते हुए उसकी मम्मी को बताया। फिर उसकी मम्मी ने मुझे कॉल कर घटना की जानकारी दी। पानी में डूबा ध्रुव (14) घर में बड़ा बेटा है। इसका एक छोटा भाई रुद्र (3) है। पार्टी मनाने गए 8 दोस्तों में से एक लक्ष्यराज राठौर भी साथ था। घटना से वह इतना घबराया हुआ है कि घर वाले भी ज्यादा कुछ पूछताछ नहीं कर पा रहे है। लक्ष्यराज के पिता नहीं है। दो से ढाई साल पहले किसी जहरीले जानवर के काटने से उनकी मौत हो गई है। लक्ष्यराज की मां ने बताया कि पार्टी करने जाने की बात कही थी, लेकिन कहां जा रहे है यह नहीं बताया था। स्कूल की छुट्टी रखी थी। सुबह दोस्त इसे लेने आए थे। दोपहर 3.30 बजे वह घर आया और सारी बात बताई। ज्यादा कुछ नहीं बता पाया। केवल यह ही बताया कि जिसे तैरना आता था वह पानी में गए थे। बेटे को तैरना नहीं आता था। उसने बताया कि वह बाहर ही था। जब राघव व अर्पित किनारे पर पैर फिसलने से पानी में जा रहे थे तब उन्हें बचाया था लेकिन दो अन्य दोस्त घहरे पानी में चले गए थे। मैगी बनी हुई चूल्हे में थी मौके पर मैगी के अलावा नाश्ते की प्लेट, प्याज, नमक की थैली भी मिली है। सभी ने पत्थर जमाकर चूल्हा बनाकर रखा था। उसके आसपास लड़कियों का ढेर रखा था। मैगी किसमें बनाई यह पता नहीं चल पाया है। घटना पर कोई बर्तन नहीं मिला। जबकि बनी हुई मैगी चूल्हे में डली हुई मिली। घटना के बाद आपस में लड़े हादसे की जानकारी मिलने के बाद सभी के परिजन मौके पर पहुंच गए थे। इसी दौरान आपस में एक-दूसरे को ले जाने की बात को लेकर परिजन आपस में उलझ भी गए। डीडी नगर थाना प्रभारी विवाद करने वालों को पकड़ कर थाने लेकर आ गई। हालांकि देर रात तक जिस छात्र को बचाया गया पुलिस उसका नाम तक नहीं बता पाई। आपदा प्रबंधन की खुली पोल स्कूली छात्रों को तलाशने में जिला प्रशासन के आपदा प्रबंधन के दावे की पोल खुल गई। मौके पर एसडीईआरएफ का बल नहीं पहुंच पाया। होमगार्ड के चार से पांच जवान पहुंचे लेकिन उनके पास भी सुरक्षा को लेकर कोई साधन नहीं थे। वह भी डैम में कुछ दूरी पर तैर कर बाहर आ गए। डैम के अंदर एक बोट (नाव) पहले से वहां मौजूद थी। उसी में सवार होकर डूबे छात्रों के परिजन रस्सी व कांटा डाल तलाशते रहे। पुलिसकर्मी भी किनारे घूमते रहे। एसडीएम आर्ची हरित और अन्य अधिकारी भी आए लेकिन वह भी ज्यादातर समय अपनी गाड़ी में बैठे रहे। छात्रों को तलाशने में कोई ऐसा निर्णय नहीं ले पाए कि उन्हे जल्द तलाश किया जा सके। फायर लॉरी से जरुर तीन से चार बार डैम में प्रेशर दिया कि पानी ऊपर आने से कोई मदद मिल सके लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। एसडीईआरएफ की टीम जावरा क्षेत्र में तलाश में जुटी 24 घंटे में पानी में डूबने की दो घटनाएं रतलाम जिले में हुई है। पहली घटना 15 फरवरी की दोपहर रिंगनोद और बड़ावदा थाना क्षेत्र के बीच गुजर रही मलेनी नदी पर मछली पकड़ने वाली डोंगी (नाव) में सवार होकर तीन युवा दूसरे किनारे मंदिर के दर्शन करने जा रहे थे लेकिन बीच रास्ते में डोंगी अनबैलेंस होकर पलट गई। गांव लुणी के तीन युवक उसमें डूब गए। दो तो तैर कर अपनी जान बचाकर किनारे आकर भाग गए थे लेकिन एक पुश्कर लोहार का पता नहीं चला। सोमवार दिनभर रेस्क्य ऑपरेशन चला लेकिन दूसरे दिन भी पता नहीं चला। दूसरा हादसा सोमवार को रतलाम के पलसोड़ी के जय श्री राम डैम में हो गया। एसडीईआरएफ की टीम मलेनी नदी पर ही तैनात रही। यहां तक यहां उज्जैन से भी रेस्क्यू दल को बुलाया गया। घंटो बितने के बाद भी प्रशासनिक अधिकारी डैम पर किसी भी टीम को बुला नहीं सकी। इससे लोगों में नाराजगी भी रही। यह छात्र लापता है यह छात्र साथ में गए थे ध्रुव और आशुतोष के अलावा ग्रुप में खेतलपुर निवासी शुभम धाकड़, सालाखेड़ी निवासी केशव जाट, डोंगरे नगर निवासी अर्पित कटारा, मुखर्जी नगर निवासी लक्ष्य राठौर, राघव शर्मा और युवराज शामिल थे। यह सभी कक्षा 9वीं के छात्र है। रतलाम के सागोद रोड स्थित समता शिक्षा निकेतन में एक साथ पढ़ते है। मना नहीं करने पर नहीं मानते- चौकीदार डैम की आसपास रखवाली करने वाले कैलाश निनामा ने बताया डैम जल संसाधन विभाग के अतंर्गत है। दिन में पार्टी वाले लड़के आते रहते है। हम रोकते है तो मानते नहीं है। डेली कई लोग आते है। कई लोग पानी में जाते है। मना करते है उन्हें कहते है कि डूब जाओंगे, मर जाओंगे, फिर भी नहीं मानते। रात 8 बजे तक यहां पर बैठे रहते है। चौकीदार ने जल संसाधन विभाग का डैम होने की बात तो कही है लेकिन मौके पर किसी भी प्रकार का कोई बोर्ड नहीं लगा है। यहां तक सुरक्षा को लेकर कोई साधन नहीं थे। चारों तरफ से डैम खुला था। परिवार वालों ने डूबकी लगाकर किया तलाश पानी में डूबे आशुतोष के मामा के लड़के कमल भूरिया भी अपने भांजे को परिवार के अन्य लोगों के साथ नाव में सवार होकर तलाश रहे थे। उन्होंने बताया ने दोपहर तीन बजे पहुंचा था। छोटे भाई ने बताया कि उसके साथ दो तीन लड़के थे, वह नहीं मिल रहे है। तब मैं यहां आया, तीन से चार गोताखोर आए थे। हमने व परिवार वालों ने पानी में डूबकी लगाकर तलाश किया। होमगार्ड के 4 जवान आए थे लेकिन वह भी तैर कर निकल गए। उनके पास कोई साधन नहीं था। कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं- ग्रामीण पलसोड़ी के गोपाल गुर्जर का कहना था कि डैम पर किसी प्रकार की कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। प्रशासन पुलिस व नगर पंचायत कोई ध्यान नहीं देता। पहले भी 6 से 7 मौत हो चुकी है। कई बार मुद्दा उठाया, लेकिन कोई ध्यान देने वाला नहीं है। पूरा आदिवासी क्षेत्र है। कई बच्चे यहां नहाने आते है। लेकिन इन्हें रोक-टोक करने वाला कोई नहीं है। ये खबर भी पढ़ें… डैम में डूबे 2 छात्र, अंधेरा होने से रेस्क्यू रुका रतलाम के बाजना रोड स्थित पलसोड़ी ग्राम पंचायत के श्रीराम डैम में सोमवार शाम पिकनिक के दौरान डूबे दो स्कूली छात्रों के मामले में मंगलवार सुबह फिर से सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। सोमवार को अंधेरा बढ़ने के कारण रेस्क्यू अभियान रोक दिया गया था। पढ़े पूरी खबर
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