तीन महीने में मिले 4 हजार नए HIV मरीज:राजधानी में विश्व एड्स दिवस पर युवाओं ने नशे, भेदभाव और HIV के खिलाफ उठाई आवाज

Dec 1, 2025 - 20:35
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तीन महीने में मिले 4 हजार नए HIV मरीज:राजधानी में विश्व एड्स दिवस पर युवाओं ने नशे, भेदभाव और HIV के खिलाफ उठाई आवाज
राजधानी भोपाल में सोमवार सुबह एक अनोखा और शक्तिशाली दृश्य देखने को मिला, जब वीआईपी रोड के दोनों ओर 1500 से अधिक युवाओं, स्वयंसेवी संगठनों और नागरिकों ने हाथों में संदेश लिए एक विशाल मानव श्रृंखला बनाई। इस दौरान जानकारी साझा की गई कि अगस्त से अक्टूबर तक चलाए गए विशेष अभियान के दौरान 4 हजार नए एचआईवी मरीज मिले थे। जिसमें सबसे ज्यादा वे मरीज थे जो नशे के लती थे। इसकी को देखते हुए विश्व एड्स दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम ने सिर्फ जागरूकता ही नहीं फैलाई, बल्कि सामाजिक भेदभाव, नशे की लत और HIV को लेकर फैली गलतफहमियों के खिलाफ एक सामूहिक चेतना भी जगाई। जिसमें विभिन्न महाविद्यालयों के रेड रिबन क्लब व NSS के छात्रों ने HIV जागरूकता पर स्किट प्रस्तुत की। नोडल टीचर्स, मेडिकल, नर्सिंग और डेंटल कॉलेजों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को प्रभावशाली बनाया। स्किट में सुरक्षित व्यवहार, नियमित जांच और HIV संक्रमित व्यक्तियों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश प्रमुख रूप से दिया गया। उपमुख्यमंत्री बोले- 2030 तक HIV-मुक्त का लक्ष्य उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि 2030 तक HIV को जड़ से समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए सबसे जरूरी है जांच, उपचार और जागरूकता। अगस्त से अक्टूबर के बीच हुए विशेष अभियान में लगभग 4000 HIV पॉजिटिव मरीज मिले हैं, जो चिंता का विषय है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और सुरक्षित जीवनशैली अपनाने की अपील की। राज्य मंत्री बोले- HIV को समझें, भेदभाव खत्म करें राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि विश्व एड्स दिवस इसलिए मनाया जाता है ताकि इसे खत्म किया जा सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि समाज को यह समझना होगा कि HIV सिर्फ एक कारण से नहीं, बल्कि कई व्यवहारों के माध्यम से फैल सकता है। HIV की जांच और उपचार की सुविधाएं यहां मौजूद परियोजना संचालक शुचिस्मिता सक्सेना ने बताया कि प्रदेश में ICTC केंद्र, ART सेंटर, सम्पूर्ण सुरक्षा केंद्र, OST सेंटर और जेलों में HIV जांच सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि लोग अपनी जीवनशैली का विश्लेषण करें और यदि रिस्क फैक्टर हो तो नजदीकी ICTC केंद्र में जांच करवाएं। संक्रमित होने पर तुरंत इलाज शुरू हो जाता है और मरीज सामान्य जीवन जी सकता है। गर्भवती महिलाओं को भी पहली तिमाही में HIV जांच करवानी चाहिए। युवा HIV से डरे नहीं, जानकारी बढ़ाएं LNCT मेडिकल कॉलेज की स्टूडेंट अक्षिता गौर ने कहा कि लोगों को जांच और इलाज करवाने के लिए जागरूक करना जरूरी है। क्योंकि जानकारी ही बचाव है। अन्य स्टूडेंट खुशी मिश्रा ने कहा कि HIV ब्लड और असुरक्षित व्यवहार से फैलता है। खुद भी सुरक्षित रहें और समाज को भी सुरक्षित रखें।

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