बड़ा घोंसलिया में भीली भाषा में गरबे, नृत्य:सेवाभारती ने किया परंपरा संरक्षण का प्रयास
झाबुआ जिले के बड़ा घोंसलिया में दीपावली के अवसर पर सेवाभारती की ग्राम जागरण टोली ने भीली भाषा में सामूहिक नृत्य और गरबे प्रस्तुत किए। सोमवार रात आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। वर्तमान में आधुनिकता और पश्चिमी संस्कृति के प्रभाव से कई पारंपरिक रीति-रिवाज विस्मृत होते जा रहे हैं। ऐसे में सेवाभारती जनजातीय परंपराओं के संरक्षण के लिए लगातार प्रयास कर रही है। यह आयोजन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। जनजातीय सशक्तिकरण केंद्र बड़ा घोंसलिया, मेघनगर में सेवाभारती द्वारा विभिन्न समाज जागरण के कार्य संचालित किए जाते हैं। इनमें रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण, कौशल विकास, शैक्षणिक सहायता, स्वास्थ्य शिविर और जैविक कृषि से संबंधित गतिविधियां शामिल हैं। सामाजिक परंपराओं के संरक्षण हेतु भी वर्ष भर कार्यक्रम आयोजित होते रहते हैं। दीपावली के इस कार्यक्रम में प्रांत ग्राम विकास प्रमुख सोहन परमार, दिनेश चाकणकर, जनजातीय सशक्तिकरण केंद्र बड़ा घोंसलिया के व्यवस्थापक किसन मावी सहित केंद्र टोली के सदस्य नवलसिंह भूरिया, परू मुणिया, दिलीप भूरिया, वजेसिंह गणावा, खुना पारगी, बदिया जी भूरिया, तेरसिंह भूरिया जी, सर्वेश मकवाना, संजय भूरिया, अजय भूरिया, शैलेंद्र राठौड़, रपया गुड़िया, विजय भूरिया, शुभम पारगी, शिवा गामड़, कुंवरसिंह बारिया, कानजी मेड़ा, बिजिया भूरिया, बुरसिंह भूरिया और जालू भूरिया उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
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