सतना में 3 साल से अधूरा 30 बेड का अस्पताल:पुराने भवन में रखा लाखों का सामान फिर बारिश में भीगा, मरीज परेशान

Aug 18, 2026 - 09:39
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सतना में 3 साल से अधूरा 30 बेड का अस्पताल:पुराने भवन में रखा लाखों का सामान फिर बारिश में भीगा, मरीज परेशान
सतना के कोटर तहसील मुख्यालय में तीन साल से निर्माणाधीन 30 बिस्तरों के अस्पताल का काम अब तक पूरा नहीं हो सका है। नई बिल्डिंग के लिए खरीदे गए लाखों रुपए के उपकरण और फर्नीचर पुराने पीएचसी भवन में रखे हुए हैं। 14 अगस्त को हुई मूसलाधार बारिश के बाद पुराने भवन में करीब ढाई फीट पानी भर गया, जिससे वहां रखा सामान एक बार फिर भीग गया। खास बात यह है कि अधिकांश उपकरण अभी भी सील पैक हैं और उनकी वास्तविक क्षति का अब तक आकलन नहीं किया गया है। बजट के अभाव में अटका निर्माण क्षेत्रवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कोटर में 30 बिस्तरों के अस्पताल की नई बिल्डिंग का निर्माण स्वीकृत किया गया था। भवन का अधिकांश काम पूरा हो चुका है, लेकिन अंदरूनी काम बजट के अभाव में अटका हुआ है। बताया जा रहा है कि ठेकेदार को भुगतान नहीं मिलने के कारण निर्माण कार्य बंद पड़ा है। ऐसे में अस्पताल कब तक शुरू होगा, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। दो साल से पुराने भवन में रखा सामान नई बिल्डिंग के लिए खरीदे गए बेड, मशीनरी और अन्य उपकरण करीब दो साल से पुराने पीएचसी भवन में रखे हुए हैं। एक्स-रे मशीन को छोड़कर अधिकांश सामान इसी भवन में रखा गया है। बारिश के दौरान पुराने भवन में बार-बार पानी भरने से इन महंगे उपकरणों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस बार भी पानी भरने के बाद सामान के भीगने से नुकसान की आशंका बढ़ गई है। पहले भी भर चुका है अस्पताल में पानी कोटर पीएचसी में जलभराव की समस्या पहली बार सामने नहीं आई है। पिछले साल भी बारिश के दौरान अस्पताल परिसर और वार्डों में पानी भर गया था। इस बार 14 अगस्त की तेज बारिश के बाद दोबारा अस्पताल में पानी घुस गया। जलभराव के कारण अस्पताल में भर्ती एक प्रसूता को जिला अस्पताल सतना रेफर करना पड़ा, जबकि तीन अन्य प्रसूताओं को छुट्टी दे दी गई। इससे अस्पताल की मौजूदा व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। नई बिल्डिंग शुरू होने का इंतजार 30 बिस्तरों का नया अस्पताल शुरू होने से कोटर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद थी। लेकिन तीन साल बाद भी निर्माण पूरा नहीं होने से मरीजों को पुराने पीएचसी भवन की सीमित व्यवस्थाओं पर निर्भर रहना पड़ रहा है। वहीं, नई बिल्डिंग के लिए खरीदे गए उपकरण लंबे समय से पुराने भवन में पड़े हैं। लगातार बारिश और जलभराव की स्थिति के बीच इनकी सुरक्षा को लेकर अब स्वास्थ्य विभाग के सामने भी चिंता बढ़ गई है।

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