रामनगरी में माता सीता का दुग्ध अभिषेक:राम मंदिर में पहली बार भव्य प्राकट्योत्सव, कनक भवन में 5 कुंतल दूध से अभिषेक, छोटी देवकाली से निकली शोभायात्रा
रामनगरी अयोध्या में इन दिनों धार्मिक उत्सवों की धूम है। बैसाख शुक्ल नवमी पर मनाई जाने वाली सीता जयंती इस बार विशेष रूप से भव्य रूप से मनाई जा रही है। राम जन्मभूमि मंदिर समेत शहर के कई प्रमुख मंदिरों में श्रद्धा और उल्लास के साथ कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है। खास बात यह है कि राम मंदिर में सीता जयंती का आयोजन पहली बार भव्य रूप में किया जा रहा है, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। जनकनंदिनी मां जानकी के प्राकट्योत्सव के अवसर पर कनक भवन को विशेष रूप से सजाया गया है। मां जानकी का सुबह 5 कुंतल दुग्ध से अभिषेक किया गया। यहां पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और विशेष अनुष्ठान आयोजित किया जा रहा है, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल है। छोटी देवकाली में सजेगी नौ दुर्गा की झांकी इधर, शाक्त परंपरा के प्रसिद्ध छोटी देवकाली मंदिर में नौ दिवसीय अनुष्ठान के बीच अखंड श्रीसीताराम संकीर्तन जारी है। बैसाख शुक्ल अष्टमी के पर्व पर शुक्रवार को छोटी देवकाली मंदिर से देवी मां की भव्य शोभायात्रा बड़े धूमधाम से निकाली गयी। देवकाली समाज संस्था के तत्वावधान में निकली इस शोभायात्रा में नौ दुर्गा के भिन्न-भिन्न स्वरूपों की भी झांकियों को शामिल किया गया था।यह शोभायात्रा राम पथ से गुजरते हुए भक्ति पथ होकर हनुमानगढ़ी, दशरथ राजमहल, वेद मंदिर के रास्ते कौशलेश सदन, अशर्फी भवन होकर गोला बाजार व तुलसी उद्यान होते हुए अपने गंतव्य पर पहुंची। यहां देवी मां की आरती उतार कर यात्रा को विराम दिया गया। इसके पहले शोभायात्रा का स्थान -स्थान पर श्रद्धालुओं ने आरती उतार कर स्वागत किया और प्रसाद का वितरण किया। श्रद्धालुओं ने शोभायात्रा के मार्ग की धुलाई और चौक बनाकर भी अपनी श्रद्धा निवेदित की। बैसाख शुक्ल नवमी के पर्व पर शनिवार को राम मंदिर में पहली बार देवी मां का प्राकट्य उत्सव श्रद्धा एवं उल्लास के वातावरण में मनाया जाएगा। वहीं छोटी देवकाली मंदिर में देवी मां के फूल बंगले की झांकी सजाई जाएगी और 1051 बत्ती की महाआरती का भी आयोजन किया जाएगा। बैसाख नवमी के पर्व पर देवकाली समाज संस्था का 91 वां वार्षिकोत्सव भी मनाया जा रहा है। यह एक मई को ध्वजारोहण व कन्या बरुआ के भंडारे से विराम लगेगा। इसके पहले नवमी पर्व पर दुर्गा सप्तशती पारायण सहित अन्य अनुष्ठान की पूर्णाहुति होगी। कनक भवन में प्रातःकाल किया जाएगा कनक बिहारिणी जू अभिषेक-पूजन: उधर कनक भवन सहित वैष्णव मंदिरों में प्रातः देवी मां के विग्रह का अभिषेक कर पूजन किया जाएगा और मध्याह्न में देवी मां के प्राकट्य की आरती होगी। कनक भवन में बैसाख शुक्ल पंचमी से शुरू हुआ उत्सव बैसाख पूर्णिमा तक चलेगा। पूर्णिमा के पर्व पर कनक बिहारी -बिहारिणी सरकार की अष्ट सखियों में प्रधान सखी चारु शिला का भी प्राकट्योत्सव मनाया जाएगा। कनक भवन में भी उत्सव की शुरुआत वहीं प्रतिष्ठित कनक भवन में भी जानकी उत्सव का शुभारंभ हो चुका है, जो बैसाख पूर्णिमा तक चलेगा। यहां प्रतिदिन शाम को बधाई गान और भक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0