वाट्सएप पर ऑर्डर और खाते में लिए पैसे...:30 मिनट में बताया लोकेशन; सिगरेट के पैकेट में ​ड्रग्स की डिलीवरी

Mar 30, 2026 - 09:10
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वाट्सएप पर ऑर्डर और खाते में लिए पैसे...:30 मिनट में बताया लोकेशन; सिगरेट के पैकेट में ​ड्रग्स की डिलीवरी
राज्यभर में आसानी से ड्रग्स मिल रहा है। आपको कोई भी ड्रग्स चाहिए ऑनलाइन ऑर्डर करें, खाते में पैसा जमा करें और लोकेशन पर जाकर ड्रग्स उठा लें। ठीक वैसे ही, जैसे 10 मिनट में घर पर आसानी से सामान पहुंच जाता है। इसी तरह अब ड्रग्स की भी होम डिलीवरी हो रही है। दैनिक भास्कर ने पहली बार इस बड़े रैकेट का खुलासा किया है। पुलिस भी हैरान है कि पहचान छिपाकर किस तरह ड्रग्स का कारोबार हो रहा है। सिर्फ एक मैसेज में ड्रग्स की होम डिलिवरी हो रही है। ऑर्डर देने के बाद पैडलर खाता नंबर भेजता है। जैसे ही खाते में पैसा जमा होता है, आधे घंटे के भीतर ड्रग्स की डिलीवरी कर दी जाती है। पैडलर खुद ड्रग्स देने से बचता है। वह मोबाइल पर लोकेशन और वीडियो-फोटो भेजता है, जहां उसने ड्रग्स रखा होता है। लोकेशन ट्रेस कर वहां पहुंचकर ड्रग्स उठा लिया जाता है। पुलिस की लगातार कार्रवाई के बाद भी यह धंधा बंद नहीं हो रहा है। नए-नए पैडलर्स का नेटवर्क खड़ा हो रहा है। जो तस्कर इस मामले में पूर्व में जेल गए थे, वे बाहर आकर फिर तस्करी कर रहे हैँ। पुलिस का दावा है कि ड्रग्स का नेटवर्क टूट चुका है। इन दावों के बीच भास्कर ने ड्रग्स पैडलर्स से संपर्क किया। इसमें ड्रग्स लेने वालों की मदद ली गई और ऑर्डर देकर तीन ग्राम ड्रग्स खरीदा गया। कुरियर और पार्सल के जरिए भी ड्रग्स मंगाया गया। जोमैटो, स्विगी, ब्लिंकिट की तरह ड्रग्स की डिलिवरी जोमैटो, स्विगी और ब्लिंकिट की तरह राज्य में ड्रग्स की डिलीवरी हो रही है। पैडलर सीधे मिलकर ड्रग्स देने से बच रहे हैं। कॉल पर बातचीत नहीं करते, सिर्फ मैसेज के जरिए ऑर्डर लेते हैं। टेलीग्राम, वाट्सएप सहित कई एप और मैसेंजर का उपयोग किया जा रहा है। डिलिवरी के लिए पैडलर खुद नहीं आते। मोबाइल टैक्सी का उपयोग करते हैं और पार्सल ऐसी जगह छोड़ते हैं जहां सीसीटीवी कैमरे नहीं होते। भुगतान म्यूल अकाउंट के जरिए लिया जाता है। इसमें नाबालिग लड़के-लड़कियां भी शामिल हैं। राज्य में ऐसे कई नेटवर्क सक्रिय हैं, जो सीधे नाइजीरियन और बड़े पैडलर्स से जुड़े हुए हैं। पैडलर अलग-अलग तरीके से करते हैं सप्लाई, न पहचान देते हैं न ही मिलते हैं... स्टिंग-1: पंडरी से ऑर्डर, ऑक्सीजोन में सप्लाई भास्कर ने पैडलर को वाट्सएप पर एमडी का ऑर्डर दिया। पैडलर ने बताया कि एक ग्राम की कीमत 7 हजार रुपए है। पैडलर ने 5 मिनट में खाता नंबर भेज दिया। पैसा ट्रांसफर की पर्ची पैडलर को भेजी गई। पंडरी में डिलीवरी मांगी गई। आधे घंटे बाद लोकेशन और वीडियो-फोटो मिला। लोकेशन ट्रेस करते हुए ऑक्सीजोन के पीछे पहुंचे, जहां अंधेरा था। एक किनारे सिगरेट का पैकेट पड़ा हुआ था। उसके अंदर 1 ग्राम एमडी मिला। स्टिंग-2: 8 हजार में कोकीन दी भास्कर ने शनिवार को फिर कोकीन का ऑर्डर दिया। पैडलर ने खाता नंबर भेजा। चूंकि इसी नंबर से पहले भी ड्रग्स खरीदा गया था, इसलिए तुरंत डिलीवरी के लिए तैयार हो गया। खाते में 8 हजार रुपए जमा किए गए। आधे घंटे बाद फिर डिलीवरी का समय दिया गया। इस बार देवेंद्र नगर में डिलीवरी मांगी गई। वहां एक गार्डन के पास कुर्सी के नीचे सिगरेट के पैकेट में ड्रग्स रखकर छोड़ दिया गया। ​साथ ही लोकेशन और वीडियो भेजा गया। जब ड्रग्स लेने पहुंचे तो वहां कोई नहीं था। सुनसान सड़क और गार्डन के बीच पैकेट उठाकर वहां से निकल गए। स्टिंग-3: टी-शर्ट के साथ ड्रग्स भेजा भास्कर ने एक ड्रग्स लेने वाले युवक के माध्यम से ऑर्डर दिया। पैडलर ने नागपुर से माल मंगाने की बात कही। पैडलर के दिए खाते में पैसा जमा कर दिया गया। दो दिन बाद वाट्सएप पर एक बिल्टी का मैसेज आया। बस के जरिए नागपुर से रायपुर पार्सल भेजा गया। बस ड्राइवर को बिल्टी दिखाकर पार्सल लिया गया। पार्सल खोलने पर उसमें टी-शर्ट मिली, जिसके भीतर ड्रग्स का पैकेट रखा हुआ था। गूगल मैप का कर रहे उपयोग: पैडलर्स गूगल मैप के माध्यम से डिलवरी कर रहे है। उनसे किया गया चैट तुरंत डिलीट हो जाता है। 7 माह में 70 पैडलर गिरफ्तार, आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी ड्रग्स के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। सिंडिकेट के प्रमुख सदस्यों के साथ 7 महीने में 70 से अधिक पैडलर्स को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। आगे भी सूखे नशे के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। -डॉ. संजीव शुक्ला, कमिश्नर ऑफ पुलिस ड्रग्स की तस्करी करने वाले 4 तस्कर गिरफ्तार, 5.58 ग्राम ड्रग्स बरामद, फोन पर ऑर्डर लेकर करते थे सप्लाई ड्रग्स की तस्करी करने वाले चार पैडलर्स को रविवार की रात काशीराम नगर इलाके में छापा मारकर गिरफ्तार किया गया। आरोपियों की तलाशी के दौरान 5.58 ग्राम ड्रग्स बरामद हुआ है। आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आरोपी फोन पर ऑर्डर मिलने के बाद डिलीवरी करते थे। पुलिस ने बताया कि काशीराम नगर निवासी कुणाल मंगतानी, सौरभ डोंगरे, शुभम राठौर और सौरभ यादव मोबाइल टैक्सी और बाइक चलाने का काम करते हैं। इसी की आड़ में वे ड्रग्स की तस्करी करते थे। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने छापा मारकर आरोपियों को पकड़ा। तलाशी के दौरान उनके पास से ड्रग्स बरामद किया गया। ऐसे चल रहा नेटवर्क:

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