संत प्रेमानंद के आश्रम जाने निकला 15साल का छात्र लापता:दूसरे दिन भी सुराग नहीं, मोबाइल में देहरादून की ट्रेन सर्च की, रोज 2 घंटे करता था पूजा

Mar 13, 2026 - 10:39
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संत प्रेमानंद के आश्रम जाने निकला 15साल का छात्र लापता:दूसरे दिन भी सुराग नहीं, मोबाइल में देहरादून की ट्रेन सर्च की, रोज 2 घंटे करता था पूजा
मथुरा के संत प्रेमानंद महाराज के यहां जाने के लिए निकला इंदौर के 15 साल के बच्चे का दूसरे दिन भी कोई पता नहीं चला है। खजराना पुलिस ने उत्तर प्रदेश पुलिस और जीआरपी को इसकी जानकारी दे दी है। पिता ने गुरुवार को थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पिता के मुताबिक बड़ा बेटा पहले मथुरा में पढ़ाई कर चुका है। जब लापता छात्र छोटा था, तब वह उसे अपने साथ मथुरा लेकर गए थे। इसके अलावा उसने इंदौर के बाहर ज्यादा जगहें नहीं देखी हैं। वह धार्मिक प्रवृत्ति का था और रोज करीब दो घंटे पूजा-पाठ करता था। वह संतों और खासकर संत प्रेमानंद के प्रवचन भी मोबाइल पर देखता था और उनसे काफी प्रभावित था। दिनभर घर रहता था। शाम के वक्त 1.30-2 घंटे ऊपर माता रानी के यहां सेवा करता था। रोज मंदिर जाता था। अभी तक जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि उसने मोबाइल पर देहरादून जाने वाली ट्रेन के बारे में सर्च किया था। परिवार ने रिश्तेदारों को भी जानकारी दे दी है और वे भी उसकी तलाश में जुटे हैं। घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में छात्र अकेला जाते हुए दिखाई दिया है। पिता अनिल के मुताबिक बेटे की कोई जानकारी नहीं मिली है। वे संत प्रेमानंद के आश्रम में पता करने के लिए बड़े बेटे को इंदौर से रवाना कर रहे हैं। बुधवार से को लापता हुआ, गुरुवार को लेटर मिला तो थाने पहुंचा परिवार इंदौर की कृष्ण विहार कॉलोनी में रहने वाला 15 साल का बच्चा बुधवार को घर से अचानक लापता हो गया। परिवार को उसके हाथ का लिखा एक लेटर मिला है। लेटर उसने लिखा है कि वह वृंदावन के संत प्रेमानंद जी महाराज के वचनों से प्रभावित होकर अपने “असली परिवार” के पास जा रहा है। पिता की रिपोर्ट पर पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया है और बच्चे की तलाश शुरू कर दी है। थाना प्रभारी मनोज सेंधव के अनुसार, बच्चे के पिता ड्राइवरी का काम करते हैं। बुधवार को बच्चा क्रिकेट खेलने के लिए घर से निकला था, लेकिन देर शाम तक नहीं लौटा। लेटर में लिखा- मुझे ढूंढने की कोशिश भी मत कीजिए परिवार जब घर पहुंचा तो उन्हें एक पत्र मिला। यह पत्र उनके बेटे ने ही लिखा था, जिसमें उसने अपने घर छोड़ने की बात बताई है। लेटर में उसने लिखा- “मां, पापा, भैया और दादा… आज मैं अपने असली परिवार के पास जा रहा हूं। आप लोग कृपया रोइए मत और मुझे ढूंढने की कोशिश भी मत कीजिए। अब मैं अपने मां-पिता के साथ ही रहूंगा। रिजल्ट खराब होने की वजह से नहीं जा रहा बच्चे ने लिखा- आप लोग यह मत समझना कि मैं किसी डांट-फटकार या रिजल्ट खराब होने की वजह से घर छोड़कर जा रहा हूं। मैं बस अपनी असलियत जान गया हूं। अगर आप जानना चाहते हैं कि वह असलियत क्या है, तो मेरे फोटो को देख लेना। उसमें प्रेमानंद जी महाराज के वचन लिखे हैं। दोस्त से 500 रुपए उधार लिए, उसे लौटा देना बच्चे ने लिखा- अब तक मैंने जो जीवन आपके साथ बिताया, वह पूरा हो गया है। मैंने एक दोस्त से 500 रुपए लिए हैं, कृपया उसे वापस कर देना। आप लोग घबराना मत, मैं जा रहा हूं। जय माता दी।” भाई बोला- प्रेमानंद महाराज के प्रवचन सुनता था बच्चे के बड़े भाई ने बताया कि भाई की गूगल हिस्ट्री और इंस्टाग्राम देखने पर पता चला कि वह उत्तराखंड की एक माताजी के भजन और प्रेमानंद जी महाराज के प्रवचन सुनता था। पत्र में उसने प्रेमानंद जी महाराज के एक प्रवचन का भी जिक्र किया है। ये खबर भी पढ़ें… मुस्लिम युवक बोला- प्रेमानंद महाराज को किडनी देना चाहता हूं नर्मदापुरम के एक मुस्लिम युवक ने वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज को किडनी डोनेट करने की पेशकश की है। इटारसी में न्यास कॉलोनी निवासी आरिफ खान चिश्ती ने कलेक्टर सोनिया मीणा के जरिए प्रेमानंद महाराज को पत्र लिखा है। उनको ई-मेल और व्हाट्सएप पर मैसेज भी भेजा है। पढ़ें पूरी खबर…

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