भिंड में कमर्शियल सिलेंडर की बिक्री पर लगी रोक:घरेलू गैस की किल्लत से बढ़ी परेशानी, 2–3 दिन की वेटिंग; ऑनलाइन बुकिंग भी तत्काल नहीं
भिंड जिले में इन दिनों रसोई गैस सिलेंडरों की किल्लत के कारण उपभोक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गैस एजेंसियों पर घरेलू सिलेंडर लेने के लिए उपभोक्ताओं की भीड़ बढ़ गई है। स्थिति यह है कि सिलेंडर की सीमित आपूर्ति के कारण घरेलू गैस के लिए 2 से 3 दिन की वेटिंग चल रही है, वहीं कई मामलों में उपभोक्ताओं को 20 से 25 दिन बाद नंबर आने की जानकारी भी दी जा रही है। गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि बिना ऑनलाइन बुकिंग के सिलेंडर उपलब्ध कराना संभव नहीं है। ऐसे में उपभोक्ताओं को पहले ऑनलाइन बुकिंग करानी पड़ रही है, जिसके बाद भी उन्हें तुरंत सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। कई लोग गैस एजेंसियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं, जिससे नाराजगी भी देखने को मिल रही है। गैस आपूर्ति प्रभावित होने से जिले में हालात और ज्यादा बिगड़ गए हैं। घरों में रसोई चलाने तक की समस्या खड़ी हो गई है। कई परिवारों को मजबूरी में वैकल्पिक व्यवस्था तलाशनी पड़ रही है। कुछ क्षेत्रों में लकड़ी और अन्य ईंधन की मांग भी बढ़ने लगी है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने फिलहाल कमर्शियल गैस सिलेंडरों की बिक्री पर रोक लगा दी है, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा सके। इसके बावजूद सिलेंडरों की आपूर्ति सामान्य नहीं हो पाई है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और शादी-विवाह आयोजनों से जुड़े लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने बुधवार शाम गैस एजेंसी संचालकों की एक आवश्यक बैठक बुलाई है। बैठक में गैस की आपूर्ति बढ़ाने, वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने और उपभोक्ताओं को राहत देने के उपायों पर चर्चा की जाएगी। सांई गैस एजेंसी के संचालक अमित त्रिपाठी का कहना है कि इन दिनों रोज की तुलना में कहीं अधिक ग्राहक एजेंसी पर पहुंच रहे हैं। बिना ऑनलाइन बुकिंग के कोई भी सिलेंडर नहीं दिया जा सकता। होटल, रेस्टोरेंट और शादी-विवाह आयोजनों से जुड़े लोग लगातार कमर्शियल सिलेंडर की मांग कर रहे हैं, लेकिन शासन के निर्देशों के कारण फिलहाल कमर्शियल सिलेंडर की बिक्री बंद है। केवल इमरजेंसी सेवाओं और सरकारी छात्रावासों के लिए ही सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वहीं उपभोक्ता राजेंद्र सिंह चौहान का कहना है कि घरों के लिए सिलेंडर समय पर नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे खाना बनाने में समस्या हो रही है। अब लगभग हर घर में गैस चूल्हा होने से लोग पूरी तरह सिलेंडर पर निर्भर हैं। सिलेंडर नहीं मिलने पर कई परिवारों को फिर से लकड़ी या अन्य ईंधन का सहारा लेना पड़ रहा है। फैक्ट फाइल
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