इंदौर-दाहोद रेल परियोजना में डिग्री वेल्डिंग से ट्रैक तैयार:मार्च तक धार-इंदौर ट्रायल लक्ष्य, तीन किमी टनल अंतिम चरण में; थर्ड पार्टी सेफ्टी जांच होगी
इंदौर-दाहोद रेल परियोजना ने अब गति पकड़ ली है। धार से पीथमपुर के बीच ट्रैक जोड़ने का काम अत्याधुनिक तकनीक और विशेष मशीनों की मदद से तेजी से किया जा रहा है। रेलवे प्रशासन का लक्ष्य है कि 31 मार्च तक धार से इंदौर के बीच ट्रायल रन शुरू कर दिया जाए। रेल पटरियों को जोड़ने के लिए विशेष वेल्डिंग वाहन का उपयोग किया जा रहा है। इसमें लगभग 2400 डिग्री सेल्सियस तापमान पर पटरियों को गर्म कर स्थायी रूप से जोड़ा जाता है। यह तकनीक न केवल ट्रैक को मजबूत बनाती है, बल्कि ट्रेन संचालन के दौरान झटकों को भी कम करती है। वेल्डिंग के बाद ट्रैक की गुणवत्ता जांच थर्ड पार्टी एजेंसी द्वारा की जाएगी, ताकि सुरक्षा मानकों पर कोई समझौता न हो। अन्य जरूरी काम भी बाकी
धार रेलवे स्टेशन परिसर में प्लेटफॉर्म विस्तार, ट्रैक बैलेंसिंग और सिग्नल सिस्टम सहित अन्य संरचनात्मक कार्य एक साथ चल रहे हैं। बारिश के कारण अधूरे रह गए पुलों और अन्य कार्यों को 28 फरवरी तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना में सबसे चुनौतीपूर्ण कार्य पीथमपुर के पास लगभग तीन किलोमीटर लंबी टनल का निर्माण है, जो अभी अंतिम चरण में है। इसके अलावा कुछ स्थानों पर रेल ओवरब्रिज और एप्रोच रोड का कार्य भी शेष है, जिसे तेजी से पूरा किया जा रहा है। इंजीनियरिंग टीम लगातार कार्यों की निगरानी कर रही है, जिससे किसी भी स्तर पर देरी न हो। यह पूरी परियोजना प्रधानमंत्री पोर्टल की निगरानी में है, जिसके चलते रतलाम मंडल से लेकर मुंबई स्तर तक के अधिकारी समय-समय पर निरीक्षण कर रहे हैं। इंदौर-दाहोद रेल लाइन शुरू होने से धार, पीथमपुर और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक, व्यापारिक और सामाजिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और यात्रियों को तेज, सुरक्षित व सुविधाजनक रेल सेवा उपलब्ध हो सकेगी।
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