नेत्रहीन युवा शिरीष नामदेव की रामघाट में स्नान के दौरान डूबने से हुई मृत्यु
(मनीष शुक्ला) अमरकंटक । मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक तीर्थ स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक के पावन सलिला नर्मदा नदी के उत्तर तट रामघाट में जबलपुर के शासकीय राज अपंग संस्थान में अध्यनरत 25 वर्षीय नेत्रहीन युवा शिरीष नामदेव की स्नान के दौरान डूबने से असमय मृत्यु हो गई । शिरीष नामदेव अपने अन्य साथियों के साथ रामघाट में नर्मदा नदी में स्नान कर रहा थे, इसी दौरान वह गहरे पानी में चले गये। जिसे अन्य नहा रहे साथी नहीं देख पाए क्योंकि सभी साथी भी उसी की तरह नेत्रहीन है। 45 और साथ पढ़ने वाले नर्मदा दर्शन एवं पर्यटन के लिए पवित्र नगरी अमरकंटक आए हुए थे इसके साथ ही 24 छात्राएं जो कि नेत्रहीन है निजी संस्थान से अध्यनरत है साथ ही आए हुए थे लगभग 86 छात्र-छात्राओं शिक्षकों एवं कर्मचारियों का शासकीय एवं अशासकीय अपंग संस्थान के नर्मदा नदी के रामघाट में स्नान कर रहे थे इसी दौरान शिरीष नामदेव पिता राज नारायण नामदेव उम्र 25 वर्ष जो की एम ए जबलपुर में रहकर अध्ययन कर रहा था । नर्मदा नदी में डूबने से असमय मृत्यु हो गई जो पास ही अन्य साथी गण स्नान कर रहे थे पास में शिरीष नामदेव का स्नान के दौरान रखा समान देख कर तलाश करने लगे जब बहुत देर तक नहीं मिला तो उन्हें नदी में डूबने की आशंका हुई उक्त घटना दोपहर लगभग 1: बजे की है । मृतक रीवा का रहने वाला है घटना की सूचना मृतक के परिजनों को दे दी गई है । घटना की सूचना स्थानीय पुलिस थाना अमरकंटक को दी गई पुलिस अमरकंटक ने स्थानीय गोताखोरों को लगाकर नदी से मृतक का शव निकाला गया। युवा होनहार और शिरीष नामदेव का शव लगभग डेढ़ घंटे बाद निकाला जा सका । नगर परिषद अमरकंटक वार्ड क्रमांक 8 कपिल संगम निवासी कृष्ण चौहान ने काफी मशक्कत के बाद मृतक का शव नदी से निकला । इसके पूर्व होमगार्ड जवान भगवत सिंह मनमोहन राठौर तथा जलगांव महाराष्ट्र से आए युवक ने काफी खोजबीन की। स्थानीय पुलिस थाना अमरकंटक में मृतक के नर्मदा नदी में डूबने की घटना पर मर्ग कायम कर प्रकरण विवेचना में लिया है इसके पूर्व प्रधान आरक्षक पूरन सिंह कृष्णा सिंह राजावत एवं अमलेश बघेल नर्मदा नदी के रामघाट तट पर मौजूद रहे। पुलिस थाना अमरकंटक नगर निरीक्षक लाल बहादुर तिवारी उप निरीक्षक पी एस बघेल सहायक उप निरीक्षक ईश्वर यादव मौजूद रहे अमरकंटक हल्का पटवारी अश्विनी तिवारी तथा तहसीलदार ज्ञान दास पनिका ने भी संपूर्ण घटना की जानकारी ली । कृष्ण चौहान ने अथक परिश्रम कर नर्मदा नदी से मृतक का शव निकाला गया
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