350 किमी पैदल धम्मयात्रा बुरहानपुर पहुंची:अकोला से शुरू हुई यात्रा का महू में होगा समापन
महाराष्ट्र के अकोला जिले से शुरू हुई सामूहिक धम्मयात्रा बुधवार शाम 350 किलोमीटर से अधिक की पैदल दूरी तय कर बुरहानपुर जिले में प्रवेश कर गई। यह यात्रा 28 मार्च को अकोला की अशोक वाटिका से प्रारंभ हुई थी और इसका समापन 14 अप्रैल को जन्मभूमि महू में होगा। यह धम्मयात्रा प्रतिवर्ष आयोजित की जाती है। इस वर्ष यह यात्रा प.पु. भिक्खु ज्ञानज्योती महाथेरो के मार्गदर्शन में चल रही है। इसमें इंजीनियर राजश्री इंगले सहित कई अन्य लोग भी शामिल हैं। महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के कई जिलों से गुजरते हुए, यह यात्रा बुरहानपुर जिले के इच्छापुर, शाहपुर, नेर और भातखेड़ा से होकर मोहम्मदपुर पहुंची। मोहम्मदपुर में यात्रियों के लिए विश्राम और भोजन दान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हजारों लोगों ने धम्मदेशना सुनी। इसके बाद गांव के निवासियों के लिए भी सार्वजनिक भोजन दान की व्यवस्था की गई। इस अवसर पर भंते ने कहा कि भगवान बुद्ध ने हमें शांति का संदेश दिया है और हमें सभी कार्य शांतिपूर्ण ढंग से करने चाहिए। महाराष्ट्र सीमा से भीम आर्मी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दत्तू मेढ़े भी पैदल चलकर बुरहानपुर के मोहम्मदपुर तक इस यात्रा में शामिल हुए। कार्यक्रम में आसपास के ग्रामीण और वार्ड निवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। गौतम तायड़े, गोकुल तायड़े, प्रेम कोसोदे, धीरेन्द्र सोनवने, जीतू मेढ़े, सुनील तायड़े, जितेंद्र तायड़े, बबलू इंगले, धम्म चैतना बुद्ध विहार मोहम्मदपुरा और ग्राम भातखेड़ा से निर्वाण पानपाटिल, सचिन तायडे, राहुल तायडे, देवानंद आठवले, कपिल तायडे, लकी पानपाटिल, ललित पान पाटिल, पवन तायडे, आर्यन तायडे, आतिश तायडे तथा अर्जुन तायडे सहित कई अन्य लोगों ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग किया।
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