कागजों में ही खरीदा 920 क्विंटल गेहूं:नर्मदापुरम में सरकारी खरीदी में बड़ा घोटाला सामने आया, संचालक, ब्रांच मैनेजर समेत 6 दोषी

Apr 2, 2026 - 09:39
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कागजों में ही खरीदा 920 क्विंटल गेहूं:नर्मदापुरम में सरकारी खरीदी में बड़ा घोटाला सामने आया, संचालक, ब्रांच मैनेजर समेत 6 दोषी
नर्मदापुरम के कोठरा गांव स्थित पंचमुखी वेयरहाउस में करीब 25 लाख रुपए कीमत के गेहूं घोटाले का मामला सामने आया है। वेयरहाउस कॉर्पोरेशन की जांच में गोदाम से 1841 बोरी (920.50 क्विंटल) गेहूं कम पाया गया। मध्य प्रदेश वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधक वासुदेव डवडे की पांच सदस्यीय टीम ने जांच में इस गड़बड़ी का खुलासा किया। जांच में सामने आया कि जो 1841 बोरी गेहूं कम मिला, वह संभवतः खरीदा ही नहीं गया और स्टॉक केवल कागजों में बढ़ाया गया। संचालक, ब्रांच मैनेजर समेत 6 लोग दोषी जांच में वेयरहाउस कॉर्पोरेशन बानापुरा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक शिवराज राजपूत, पंचमुखी वेयरहाउस की संचालिका उर्मिला बाई रघुवंशी, उनके पति रंधीर सिंह रघुवंशी, बिसोनी कला निवासी सचिन अग्रवाल, चौकीदार बलीराम कटारे और उसका बेटा गोविंद कटारे को दोषी पाया गया है। कार्रवाई के लिए प्रस्ताव वरिष्ठ कार्यालय भेज दिया गया है। एसडीएम के निरीक्षण में सामने आई गड़बड़ी सिवनी मालवा एसडीएम विजय राय गेहूं उपार्जन की तैयारियों का निरीक्षण करने वेयरहाउस पहुंचे थे। स्टॉक मिलान के दौरान संदेह होने पर बोरियों की गिनती कराई गई, जिसमें शुरुआत में 1605 बोरी (802.50 क्विंटल) गेहूं कम मिला। बाद में वेयरहाउस कॉर्पोरेशन की टीम द्वारा जांच किए जाने पर यह आंकड़ा बढ़कर 1841 बोरी (920 क्विंटल) हो गया। इसके बाद एसडीएम ने एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। करीब 25 लाख का गेहूं गायब वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर खरीदे गए 25,915 बोरी गेहूं में से 1841 बोरी कम पाई गई। इस गेहूं की कीमत करीब 25 लाख रुपए आंकी गई है। अब दोषियों से वसूली और विभागीय कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। किराए पर दिए गोदाम में हुई खरीदी गोदाम संचालक के प्रतिनिधि रंधीर सिंह रघुवंशी ने 11 महीने के एग्रीमेंट पर यह गोदाम सचिन अग्रवाल को किराए पर दिया था। इसी दौरान सरकारी खरीदी का गेहूं इसी गोदाम में रखा गया। आशंका है कि खरीदी के समय ही कागजों में अधिक स्टॉक दिखाया गया। वेयरहाउस एक साल के लिए ब्लैकलिस्ट गड़बड़ी सामने आने के बाद प्रशासन ने पंचमुखी वेयरहाउस को एक साल के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है। जांच में अनियमित री-स्टैकिंग, स्टॉक सत्यापन में लापरवाही और नियमों के विपरीत संचालन जैसी कमियां भी सामने आई हैं। एमपी वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन क्षेत्रीय प्रबंधक अतुल सोरठे ने बताया कि पांच सदस्यीय टीम ने अपनी जांच पूरी कर प्रतिवेदन एमडी ऑफिस को भेज दिया है। जांच में सामने आया कि खरीदी के समय ही कुछ गड़बड़ियां हुईं हैं। ऐसी आशंका गोदाम में माल रखने के बजाय, कागजों में स्टॉक दिखाया गया। जांच में शाखा प्रबंधक, वेयरहाउस संचालक, उसके प्रतिनिधि सहित कुल 6 लोगों पर कार्रवाई का प्रस्ताव भी मुख्यालय भेजा है।

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