ग्रहों के सेनापति मंगल का राशि परिवर्तन आज:पंचग्रही योग हुआ प्रभावी, 20 मार्च को बनने वाला सप्तग्रही योग बढ़ा सकता है वैश्विक तनाव
ग्रहों के सेनापति माने जाने वाले मंगल सोमवार, 23 फरवरी की शाम मकर से कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस परिवर्तन के साथ ही कुंभ राशि में पांच ग्रहों का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिसे पंचग्रही योग कहा जा रहा है। ज्योतिष मठ संस्थान के ज्योतिषाचार्य पंडित विनोद गौतम के अनुसार मंगल सेना, पुलिस, शस्त्र, अग्नि और ऊर्जा का कारक ग्रह है। जब यह एक साथ कई ग्रहों के समूह में आता है तो संघर्ष, तनाव और टकराव जैसी परिस्थितियों के संकेत प्रबल हो जाते हैं। वर्तमान में कुंभ राशि में सूर्य, मंगल, बुध, राहु और शुक्र की युति से पंचग्रही योग बन रहा है, जिससे वैश्विक स्तर पर अस्थिरता, राजनीतिक वैमनस्य और कूटनीतिक टकराव की आशंका बढ़ सकती है। उन्होंने बताया कि मंगल भूमि का भी कारक है। ऐसे में प्राकृतिक घटनाओं जैसे भूकंप या अन्य भू-संबंधी हलचल की संभावनाओं से भी इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि यह संभावनाएं ज्योतिषीय संकेतों पर आधारित हैं, इसलिए सतर्कता और सजगता बनाए रखना आवश्यक है। 20 मार्च को बनेगा सप्तग्रही योग पंडित गौतम के मुताबिक 20 मार्च को यह पंचग्रही योग सप्तग्रही योग में परिवर्तित होगा। उस समय दो और ग्रहों के जुड़ने से मीन राशि में सात ग्रहों का संयोग बनेगा। उन्होंने दावा किया कि इससे पहले 1962 और 1971 में भी ऐसा ही योग बना था, जब विश्व स्तर पर युद्ध और तनाव की स्थितियां बनी थीं। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार एक ही राशि में अनेक ग्रहों का एकत्र होना सामूहिक प्रभाव को तीव्र कर देता है। ऐसे योगों में देशों के बीच मतभेद, आंतरिक राजनीतिक संघर्ष और धार्मिक आधार पर टकराव की स्थितियां उभर सकती हैं। एकजुटता की जरूरत ज्योतिषाचार्य का कहना है कि वर्तमान समय में सामाजिक और राष्ट्रीय स्तर पर एकजुटता, संयम और सकारात्मक सोच की आवश्यकता है। ग्रहों के संकेतों को चेतावनी के रूप में लेते हुए सतर्क रहना ही उचित रहेगा।
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