सजा पूरी होने के बाद 17 दिन जेल में रखा:हाईकोर्ट ने सागर जेल अधीक्षक पर 25 हजार का जुर्माना लगाया, याचिकाकर्ता को मुआवजा दावा करने की छूट

Dec 13, 2025 - 10:02
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सजा पूरी होने के बाद 17 दिन जेल में रखा:हाईकोर्ट ने सागर जेल अधीक्षक पर 25 हजार का जुर्माना लगाया, याचिकाकर्ता को मुआवजा दावा करने की छूट
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सजा पूरी होने के बावजूद एक युवक को जेल में अवैध रूप से रखे जाने के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने सागर जेल अधीक्षक पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है और निर्देश दिए हैं कि यह राशि उनसे वसूल कर जमा कराई जाए। जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस रामकुमार चौबे की डिवीजन बेंच ने यह आदेश टीकमगढ़ जिले के युवक अरविंद कुशवाहा की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को यह स्वतंत्रता भी दी है कि वह 17 दिनों की अवैध हिरासत के लिए उचित मुआवजा पाने के लिए दावा कर सकता है। चोरी के मामले में हुई थी जेल टीकमगढ़ जिले के डीगोड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मड़वारा निवासी अरविंद कुशवाहा को डीजे वाहन से एम्प्लीफायर चोरी के आरोप में 5 नवंबर 2024 को गिरफ्तार किया गया था। ट्रायल के बाद कोर्ट ने उसे एक साल की सजा सुनाई थी। सजा की अवधि 4 नवंबर 2025 को पूरी हो गई थी, लेकिन इसके बावजूद अरविंद को 20 नवंबर 2025 तक जेल में रखा गया। सजा के बाद हिरासत में रखने को दी थी चुनौती इस अवैध हिरासत को चुनौती देते हुए अरविंद कुशवाहा ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता संजना यादव ने कोर्ट को बताया कि उनके मुवक्किल को अब रिहा कर दिया गया है, लेकिन उसे 17 दिनों तक गैरकानूनी रूप से जेल में रखा गया, जो गंभीर लापरवाही का मामला है। ये खबर भी पढ़िए... पिता की जगह बेटे को 30 घंटे हिरासत में रखा इंदौर में चंदन नगर पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पॉक्सो एक्ट केस में पुलिस ने आरोपी की जगह उसके इंजीनियर बेटे को थाने में 30 घंटे हिरासत में रखा और उसे हथकड़ी भी पहनाई। हैरानी की बात यह है कि रियल एस्टेट कारोबारी के इंजीनियर बेटे की इस केस में न कोई भूमिका है और न ही वह आरोपी है। पढ़ें पूरी खबर...

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