गोपालगंज में सुबह से छाए घने काले बादल:हल्की बूंदाबांदी से नमाजियों की परेशानी बढ़ी, पछुआ हवा से गेहूं की फसल प्रभावित
गोपालगंज जिले में पिछले कुछ दिनों से जारी धूप और गर्मी के बाद अचानक मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। शनिवार सुबह से ही आसमान में घने काले बादल छाए रहे, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। जिले के विभिन्न हिस्सों में हुई हल्की बूंदाबांदी और उसके साथ चल रही ठंडी पछुआ हवाओं ने मार्च के महीने में एक बार फिर दिसंबर-जनवरी जैसी सिहरन पैदा कर दी है। घने बादलों के कारण सूर्यदेव के दर्शन दुर्लभ हो गए और विजिबिलिटी भी काफी कम दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण उत्तर बिहार के इस तराई क्षेत्र में नमी बढ़ी है। सिधवलिया, बरौली, कुचायकोट और मांझा प्रखंडों में रुक-रुक कर हुई हल्की बारिश ने तापमान में भारी गिरावट दर्ज की है। 15 किमी/घंटे की रफ्तार से चल रही हवा बारिश के साथ 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही पछुआ हवाओं ने ठंडक बढ़ा दी है। जिन लोगों ने गर्म कपड़े बक्सों में रख दिए थे, उन्हें मजबूरी में दोबारा स्वेटर और जैकेट निकालने पड़े हैं। अधिकतम तापमान लगभग 24°C से 25°C के बीच दर्ज किया गया है, जो सामान्य से काफी कम है। न्यूनतम तापमान गिरकर 18°C से 19°C तक पहुंच गया है। मौसम का यह बदला हुआ स्वरूप किसानों के लिए चिंता और उम्मीद दोनों लेकर आया है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि केवल बूंदाबांदी होती है, तो यह गेहूं की फसल के लिए 'अमृत' के समान है क्योंकि इससे दानों में चमक और वजन बढ़ेगा। हालांकि, तेज हवा और ओलावृष्टि की आशंका ने आम के बागवानों की नींद उड़ा दी है। अधिक नमी से मंजरों में कीट लगने का खतरा बढ़ जाता है, जिससे फसल को नुकसान हो सकता है। लोगों को सचेत रहने की सलाह प्रशासन ने भी जिले वासियों को बदलते मौसम में स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की सलाह दी है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह सर्द-गर्म वाला मौसम काफी संवेदनशील हो सकता है। फिलहाल, आसमान में बादलों की आवाजाही बनी हुई है और अगले 24 घंटों तक मौसम ऐसा ही बने रहने का अनुमान है।
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